his devotion - our inspiration !!! SHAHEED BHAGAT SINGH ....

Languages used in Carnatic Music & Literature
Post Reply
venkatakailasam
Posts: 4170
Joined: 07 Feb 2010, 19:16
x 1

#1 his devotion - our inspiration !!! SHAHEED BHAGAT SINGH ....

Post by venkatakailasam » 28 Sep 2013, 17:12

Image


Some quotes...

Quote 1: व्यक्तियो को कुचल कर , वे विचारों को नहीं मार सकते।
( by crushing individuals, they cannot kill ideas.)


Quote 2: राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है मैं एक ऐसा पागल हूँ जो जेल में भी आज़ाद है ( Every tiny molecule of Ash is in motion with my heat I am such a Lunatic that I am free even in Jail. )

Quote 3: यदि बहरों को सुनना है तो आवाज़ को बहुत जोरदार होना होगा. जब हमने बम गिराया तो हमारा धेय्य किसी को मारना नहीं थ. हमने अंग्रेजी हुकूमत पर बम गिराया था (If the deaf are to hear, the sound has to be very loud. When we dropped the bomb, it was not our intention to kill anybody. We have bombed the British Government. )

Quote 4 : किसी को “क्रांति ” शब्द की व्याख्या शाब्दिक अर्थ में नहीं करनी चाहिए। जो लोग इस शब्द का उपयोग या दुरूपयोग करते हैं उनके फायदे के हिसाब से इसे अलग अलग अर्थ और अभिप्राय दिए जाते है (One should not interpret the word “Revolution” in its literal sense. Various meanings and significances are attributed to this word, according to the interests of those who use or misuse it.)

Quote 5 : चीज़ें जैसी भी हों आम तौर पर लोग उनके और परिस्थितियों के आदि हो जाते हैं , और बदलाव के विचार से ही कांपने लगते हैं। हमें इसी निष्क्रियता की भावना को क्रांतिकारी भावना से बदलने की ज़रुरत है (The people generally get accustomed to the established order of things and begin to tremble at the very idea of a change. It is this lethargic spirit that needs be replaced by the revolutionary spirit.)

Quote 6 : जो व्यक्ति भी विकास के लिए खड़ा है उसे हर एक रूढ़िवादी चीज की आलोचना करनी होगी , उसमे अविश्वास करना होगा तथा उसे चुनौती देनी होगी. (Any man who stands for progress has to criticize, disbelieve and challenge every item of the old faith.

Quote 7 : मैं इस बात पर जोर देता हूँ कि मैं महत्त्वाकांक्षा , आशा और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूँ. पर मैं ज़रुरत पड़ने पर ये सब त्याग सकता हूँ, और वही सच्चा बलिदान है ( I emphasize that I am full of ambition and hope and of full charm of life. But I can renounce all at the time of need, and that is the real sacrifice. )

Quote 8 अहिंसा को आत्म-बल के सिद्धांत का समर्थन प्राप्त है जिसमे अंतत: प्रतिद्वंदी पर जीत की आशा में कष्ट सहा जाता है . लेकिन तब क्या हो जब ये प्रयास अपना लक्ष्य प्राप्त करने में असफल हो जाएं ? तभी हमें आत्म -बल को शारीरिक बल से जोड़ने की ज़रुरत पड़ती है ताकि हम अत्याचारी और क्रूर दुश्मन के रहमोकरम पर ना निर्भर करें ( Non-violence is backed by the theory of soul-force in which suffering is courted in the hope of ultimately winning over the opponent. But what happens when such an attempt fail to achieve the object? It is here that soul-force has to be combined with physical force so as not to remain at the mercy of tyrannical and ruthless enemy.)

Quote 9 : किसी भी कीमत पर बल का प्रयोग ना करना काल्पनिक आदर्श है और नया आन्दोलन जो देश में शुरू हुआ है और जिसके आरम्भ की हम चेतावनी दे चुके हैं वो गुरु गोबिंद सिंह और शिवाजी, कमाल पाशा और राजा खान , वाशिंगटन और गैरीबाल्डी , लाफायेतटे और लेनिन के आदर्शों से प्रेरित है। ( The elimination of force at all costs is Utopian and the new movement which has arisen in the country and of whose dawn we have given a warning is inspired by the ideals which Guru Gobind Singh and Shivaji, Kamal Pasha and Reza Khan, Washington and Garibaldi, Lafayette and Lenin preached.)

Quote : 10 : प्रेमी, पागल, और कवी एक ही चीज से बने होते हैं
( Lovers, Lunatics and poets are made of same stuff )

Quote 11: क़ानून की पवित्रता तभी तक बनी रह सकती है जब तक की वो लोगों की इच्छा की अभिव्यक्ति करे (The sanctity of law can be maintained only so long as it is the expression of the will of the people. )
0 x

Post Reply